शुक्रवार, 14 मार्च 2014

नए नए अवतार



सड़के 
अबकी बार बन जाएँगी 
हर हाथ को मिलेगा रोजगार 
नहीं होंगे दंगे 
बढ़ेगा कारोबार 
आसमान से उतर रहे हैं 
नए नए अवतार 


स्कूल नए खुलेंगे 
नए खुलेंगे कालेज 
जो बीत गया उसको भूलो 
चुनो नया सरकार 
आसमान से उतर रहे हैं 
नए नए अवतार 

धुले पूछे आये हैं सब 
जनता के सेवक सच्चे 
अपराधी नहीं है कोई 
नहीं कोई गुनहगार 
आसमान से उतर रहे हैं 
नए नए अवतार 

देखना अपनी जाति 
छोड़ना न धर्म 
शहर गाँव और रंग को 
बनाना अपना आधार 
आसमान से उतर रहे हैं 
नए नए अवतार 

जलीय कीट

ए. के. रामानुजम की कविता "दी स्ट्राईडर्स" का अनुवाद - जलीय कीट बाकी सब कुछ छोडिये  कुछ पतले पेट वाले  बुलबुले सी पारदर्शी आँख...