१.
आपके लिए
बनी सड़क
आई बिजली
बने पब्लिक स्कूल
नए नए कालेज
हमारे लिए
हुए हर साल
वादे
२.
आपके लिए
बने नए शहर
हुए निवेश
आयात हुई प्रौद्योगिकी
हमारे लिए
हुए हर साल
नए नए वादे
३.
आपके लिए
सहज हुई नीतियाँ
आसान हुई नीलामियाँ
सरकार बनी गारंटर
हमारे लिए
हुए हर साल
कुछ और नए वादे
(स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाओं के साथ )
आज़ादी के पावन पर्व की आपको भी अनंत शुभकामनाएं अरुण जी.
प्रत्युत्तर देंहटाएंसादर
अनु
बहुत सुन्दर..स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाओं..
प्रत्युत्तर देंहटाएंउत्कृष्ट प्रस्तुति बुधवार के चर्चा मंच पर ।।
प्रत्युत्तर देंहटाएंस्वतंत्रता दिवस की अनंत शुभकामनाएं
प्रत्युत्तर देंहटाएंकल 15/08/2012 को आपकी इस पोस्ट को नयी पुरानी हलचल पर लिंक किया जा रहा हैं.
आपके सुझावों का स्वागत है .धन्यवाद!
'' पन्द्रह अगस्त ''
फिर से आ रही है १५ अगस्त ... वादों की बरसात तो फिर से होने वाली है ..
प्रत्युत्तर देंहटाएंआपको १५ अगस्त की शुभकामनायें ...
असली आज़ादी तो भ्रष्ट और सड़े-गले सिस्टम से चाहिए अब। वादों से काम नहीं चलने वाला। प्रासंगिक कविता....
प्रत्युत्तर देंहटाएंपूरी ब्लॉग बुलेटिन टीम और आप सब की ओर से ६५ वे स्वतंत्रता दिवस से पहले उषा मेहता जी और उन के खुफिया कांग्रेस रेडियो को याद करते हुये आज की ब्लॉग बुलेटिन लगाई है जिस मे शामिल है आपकी यह पोस्ट भी ...पाठक आपकी पोस्टों तक पहुंचें और आप उनकी पोस्टों तक, यही उद्देश्य है हमारा, उम्मीद है आपको निराशा नहीं होगी, टिप्पणी पर क्लिक करें और देखें … धन्यवाद !
प्रत्युत्तर देंहटाएंवादे करने वालों पर अब भरोसा नही करना है । स्वतन्त्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
प्रत्युत्तर देंहटाएंसटीक चित्रण...
प्रत्युत्तर देंहटाएंस्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनायें...
हाँ, हुआ तो यही है..... सटीक पंक्तियाँ
प्रत्युत्तर देंहटाएंअद्भुत कवितायें |स्वतंत्रता दिवस की बधाई |
प्रत्युत्तर देंहटाएंसुना है जब से वो आजाद हो गया है
प्रत्युत्तर देंहटाएंहमारा कहाँ रहा वो आपका हो गया है!
बहुत सुंदर प्रस्तुति !
दो वर्गों के बीच की खाई का सुन्दर चित्रण
प्रत्युत्तर देंहटाएंवादे वादे,
प्रत्युत्तर देंहटाएंवो भी आधे।
यही है आज का सत्य …………स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनायें
प्रत्युत्तर देंहटाएंबहुत खूब अरुण जी सटीक और सार्थक पंक्तियाँ यही तो हो रहा है वादे और सिर्फ वादे----स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं
प्रत्युत्तर देंहटाएंसही है आज तक यही तो देते आए है वादे वादे और वादे ... स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं ...
प्रत्युत्तर देंहटाएंबात तो सही है..
प्रत्युत्तर देंहटाएंहमारे हिस्से में तो सिर्फ वादे ही आते है....
पर फिर .. भी आजादी का उत्सव तो मनाना ही है...
स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाये
आज़ादी बड़े लोगों की बोली में
प्रत्युत्तर देंहटाएंऔर छोटे लोगों की बडबड़ाहट में है ...
छोटे आज़ादी की बात करें तो आगे थाना और जेल है
बड़ी लोगों के लिए आज़ादी
अधिकार और आनंद का मेल है .....
प्रत्युत्तर देंहटाएं..... सही बात है अरुण जी
स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं !!!!
यही होता आया है... और हम बाध्य हैं यह सब सहने को.. क्योंकि हमें तो घुट्टी में पिलाया गया है कि कोई न कोई अवतार अवश्य आता है हमारी रक्षा को.. बस हाथ पर हाथ धरे उसी अवतार की प्रतीक्षा में हैं और जी रहे हैं वादों की ऑक्सीजन के सहारे!!
प्रत्युत्तर देंहटाएंअब क्या बधाई दूं और क्या शुभकामनाएँ!!
आजादी मतलब वादे और वादे किसी के लिये और
प्रत्युत्तर देंहटाएंकिसीके लिये सौदे ही सौदे ।
katoo sach......aur nishay hum.....
प्रत्युत्तर देंहटाएंबढिया,
प्रत्युत्तर देंहटाएंदेखन मे छोटन लगे, घाव करे गंभीर
वादे यानी उम्मीद एक सुनहरे कल की
प्रत्युत्तर देंहटाएंहम तो कुछ वादे और पक्के इरादे के साथ जीने की कला सीख गए हैं।
प्रत्युत्तर देंहटाएं