बुधवार, 18 सितंबर 2019

प्रसिद्द तिब्बती कवि तेनजिंग चेंडू की एक कविता - रिफ्यूजी- का अनुवाद .


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रिफ्यूजी
- तेन्ज़िन चेंडू

सड़क के किनारे
बर्फ में धंसे टेंट में
जब मैं पैदा हुआ था
मेरी मां ने कहा-
तुम शरणार्थी हो !
तुम्हारे माथे पर
दोनों भौंहों के बीच
लिखा है "आर" -
कहा था शरणार्थी शिविर में
एक शिक्षक ने !
मैंने कोशिश की
रगड़-रगड़ कर
इस चिन्ह को मिटाने की
मेरा माथा छिल कर लाल हो गया
किन्तु यह दाग मिटा नहीं
मैं शरणार्थी पैदा हुआ हूं
मेरी तीन जीभें हैं,
उनमे से एक जीभ
अब भी गाती है
अपनी मातृभाषा में ।
मेरे माथे पर लिखे "आर" को
अंग्रेजी और हिंदी की जीभ के बीच
तिब्बती जीभ पढ़ती है:
"रंगजन"
जिसका अर्थ होता है - स्वतंत्रता !
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अनुवाद : अरुण चन्द्र रॉय

1 टिप्पणी:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शुक्रवार (20-09-2019) को    "हिन्दी को बिसराया है"   (चर्चा अंक- 3464)  (चर्चा अंक- 3457)    पर भी होगी।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।  --हार्दिक शुभकामनाओं के साथ 
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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