गुरुवार, 9 जुलाई 2015

टूटा हुआ पत्ता

 
एक पत्ता 
शाख से गिरकर 
हवा में तैर रहा है 
अकेला 

वह 
यूं ही नहीं उड़ रहा 
वह लड़ रहा है 
हवा से 
हवा के रुख से 

वह घरती पर गिरता है 
फिर हवा का झोंका उसे 
उडा  ले जाती है 
अपनी दिशा में 

पत्ता कमजोर है 
लेकिन वह हारता नहीं है 
लड़ता है 
थकता है 
मिटटी को पकड़ कर 
दिखाता है संघर्ष 

अपने होने का अर्थ 
शाख से टूटे 
अकेले पत्ते को मालूम है 

जो पत्ते 
उड़ते नहीं , पर नहीं फैलाते 
संघर्ष नहीं करते 
जल दिए जाते हैं चुन चुन कर 
माली के हाथों।  

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