जिस तरह
मर्यादा पुरुषोत्तम होने के लिए
राम का राजकुंवर होना जरुरी है
उसी तरह जरुरी है
बुद्ध होने के लिए
राजकुंवर होना
राज-पाट का त्याग करना
आपका ज्ञान, आपकी शिक्षा
आपकी महानता के लिए जरुरी है
आपका कुलीन होना .
कोई केवट या कोई लाचार बूढा
कोई धोबी या कोई बीमार रुग्ण दीन मनुष्य
नहीं हो सकता राम या बुद्ध
वह उत्त्पन नहीं कर सकता करुणा
उस पर नहीं लिखी जा सकती है
कोई महागाथा
मर्यादा पुरुषोत्तम होने के लिए
राम का राजकुंवर होना जरुरी है
उसी तरह जरुरी है
बुद्ध होने के लिए
राजकुंवर होना
राज-पाट का त्याग करना
आपका ज्ञान, आपकी शिक्षा
आपकी महानता के लिए जरुरी है
आपका कुलीन होना .
कोई केवट या कोई लाचार बूढा
कोई धोबी या कोई बीमार रुग्ण दीन मनुष्य
नहीं हो सकता राम या बुद्ध
वह उत्त्पन नहीं कर सकता करुणा
उस पर नहीं लिखी जा सकती है
कोई महागाथा