गुरुवार, 21 अप्रैल 2011

साठ मंजिला अपार्टमेन्ट


इन दिनों
एक साठ मंजिला अपार्टमेन्ट का विज्ञापन
पूरे  जोर शोर से चल रहा है
कह रही है
विज्ञापन एजेंसी
तीन सौ साठ डिग्री का मीडिया प्लान
तैयार किया गया है
जिस से नहीं रह सकता कोई अछूता
खोलो अखबार
या साप्ताहिक टेबलोआइड
मिलेगा आपको इस गगनचुम्बी  अपार्टमेन्ट का
खूबसूरत विज्ञापन
पूरे पृष्ठ पर छपा हुआ
तमाम खबरों पर पड़ता हुआ भारी
दमकते मॉल के ऊपर लगे होर्डिंग हों या
झुग्गियों के पास वाले  लैम्प पोस्ट के ऊपर लगा क्योस्क हो
आपकी नज़रों से टकराएगा
इसका विज्ञापन हर बार, बार बार
प्रिंट मीडिया से लेकर इलैक्ट्रोनिक मीडिया तक 
समाचार पत्रिकाओं से  बिजनेस जर्नल तक 
मोबाइल के इन-बाक्स से ई-मेल के इन-बाक्स तक
कुछ भी छूटा नहीं है
इस साठ मंजिला अपार्टमेन्ट के मीडिया प्लान से
प्रेस कांफ्रेंस में कहा गया है कि
इस अभूतपूर्व विज्ञापन अभियान के लिए 
इमोशनल रूट अपनाया गया है.

बनाये गए हैं
देश के बड़े बड़े सेलिब्रिटी
ब्रांड एम्बेसडर
कुछ खेल की दुनिया से हैं
तो कुछ फिल्मों से
कुछ राजनीतिक हस्तियाँ  हैं
इसके अप्रत्यक्ष प्रचारक
पर्यावरण अनापत्ति मिल चुकी है
बहुत पहले ही
नक़्शे  भी
रातो रात हो गए हैं पास
भूमिपूजन के दिन
होने वाला है
सितारों का जमावड़ा 
यह भी एक बड़ा आकर्षण है 
साठ मंजिला अपार्टमेन्ट का.

और इन सब के बीच
जोर शोर  से कहा जा रहा है कि
अस्सी प्रतिशत जगह
छोड़ी गई है 
खुली 
तीन ओर से सड़क है
हवाई अड्डा  बस एक घंटे पर है
रेलवे स्टेशन  जाने में
लगते हैं पैंतालिस मिनट
मेट्रो भी आने वाली  है
पार्किंग की सुविधा है
क्लब भी है एक्सक्लूसिव
स्विमिंग पूल के साथ
सुरक्षा के लिए हैं
पुख्ता  इंतजाम
मंदिर भी है
योग के लिए है विशेष व्यवस्था

इस डिज़िटल अपार्टमेन्ट में हैं
उच्च गति की  लिफ्ट
सामान ढोने के लिए
अलग सर्विस लिफ्ट
नौकरों की  आवाजाही के लिए
अलग प्रवेश द्वार
कमरे के भीतर भी जाने के लिए
परिवार के सदस्यों की हैं
अपनी अपनी सीमायें
जैसे शयन कक्ष में
बच्चों का प्रवेश वर्जित
इंटरनेट से रखी जा सकती है
फ़्लैट के चप्पे चप्पे पर नज़र

यही नहीं
इस साठ मंजिला आधुनिक अपार्टमेन्ट में
कवर्ड ऑटोमेटिक पार्किंग के साथ साथ है
परिवार के बुजुर्गों के लिए
पांच सितारा होटल के समकक्ष सुविधाओं वाला
हर फ़्लैट के लिए आवंटित आउट हाउस
जहाँ वे रह सकते हैं
पूरी सुविधा और सुरक्षा के साथ
विज्ञापन में देखे जा सकते हैं 
दादा और पोता खेलते साथ-साथ

आधुनिक जीवन शैली का
प्रतीक है यह
साठ मंजिला अपार्टमेन्ट
तीन सौ साठ डिग्री के मीडिया प्लान से
चमत्कृत  होता हुआ 

28 टिप्‍पणियां:

  1. इस साठ मंज़िला अपार्टमेंट, जो हमारी गांव के कंधों पर कहूं या क़ब्र पर तय नहीं कर पाया हूं, जब तय कर लूंगा तो अपनी पूरी बात कहूंगा, फिलहाल एक शे’र ...

    पार अपनी हद अगर कर जाएगा
    देख लेना शहर यह मर जाएगा
    भाग आया गांव को ही लूटकर
    लौटकर अब किस कदर घर जाएगा।

    उत्तर देंहटाएं
  2. आदरणीय अरुण चन्द्र जी
    नमस्कार !
    बहुत बढ़िया जानकारी मिली हमे तो खबर ही नहीं थी
    सचाई बया करती बेहतरीन रचना
    आपकी लेखनी की जितनी भी तारीफ़ की जाए कम है!

    उत्तर देंहटाएं
  3. sac ko byaaMM karatee racanaa yahee to aaj kaa sac hai karoDoM kamaa kar aur kyaa karate hai gareeb mare inki balaa se. aabhaara.

    उत्तर देंहटाएं
  4. एक गाना याद आ रहा है
    जाइये आप कहाँ जायेंगे.ये नजर लौट कर फिर आएगी.
    देखना है कहाँ तक जाता है इंसान.

    उत्तर देंहटाएं
  5. आपकी लेखनी भी गजब कर रही है
    ६० मंजिल ईमारत को यूँ बयां कर रही है
    कि उसमें रह कर सब सहूलियत पा जायेंगे
    इंशा से दूर हो खुदा को पा जायेंगें
    यदि जमीं देखें और फिर ६०वीं मंजिल
    तो मुफ्त में ही आँखों की कसरत भी कर पायेंगें
    तो साहब जो उसमें रहे उसका भी भला
    और जो न रहे उसका भी भला.

    वाह!अरुण जी गजब ढहा दिया.आपके सटीक लेखन के लिए हृदय से आभार.

    उत्तर देंहटाएं
  6. इस डिज़िटल अपार्टमेन्ट में हैं
    उच्च गति की लिफ्ट
    सामान ढोने के लिए
    अलग सर्विस लिफ्ट
    नौकरों की आवाजाही के लिए
    अलग प्रवेश द्वार
    कमरे के भीतर भी जाने के लिए
    परिवार के सदस्यों की हैं
    अपनी अपनी सीमायें
    जैसे शयन कक्ष में
    बच्चों का प्रवेश वर्जित
    इंटरनेट से रखी जा सकती है
    फ़्लैट के चप्पे चप्पे पर नज़र... ab bataiye kahan jayenge bachker

    उत्तर देंहटाएं
  7. मंजिल ६० और देखने के कोण ३६० .अदभुत .

    उत्तर देंहटाएं
  8. सचाई बयां करती बेहतरीन रचना.....सटीक अभिव्यक्ति

    उत्तर देंहटाएं
  9. मुझे लगता है, बुकिंग फुल हो चुकी होगी.

    उत्तर देंहटाएं
  10. मेरे घर काम करने वाली एक दाई कहा करती थी कि अगर बहुत भूख भी लगी हो तो भी कोई दोनों हाथों से नहीं खाता.. यह दोनों हाथों से बटोरने का कारोबार है. आखिर को तो वही दो गज ज़मीन के नीचे वाला बेसमेंट ही मिलना है..

    उत्तर देंहटाएं
  11. विज्ञापन में देखे जा सकते हैं ,,,,,,,,,,,,ये एक पंक्ति बहुत कुछ कह पाने में और सच्चाई बयान करने में सक्षम है
    बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  12. साठ वर्षों की स्वतन्त्रता का सब्जबाग।

    उत्तर देंहटाएं
  13. :)....aur kya kya mil jayega iss building me...!!
    kya kahun Arun jee...aapke to har post ek dum se chup kar dete hain hame.

    उत्तर देंहटाएं
  14. बढ़िया रचना है.....बिलकुल सटीक और सामयिक

    उत्तर देंहटाएं
  15. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    उत्तर देंहटाएं
  16. आपकी पैनी नज़र से कोई भी कोना नही बचा……………हर चीज़ को पकड लिया……………रिश्तों के खोखलेपन पर कडा प्रहार करती एक बेह्द सशक्त कविता के लिये बधाई।

    उत्तर देंहटाएं
  17. ३६० डिग्री के मीडिया प्लान का खास असर और दरकार रहती है ऐसे अपार्टमेंट के लिए... और आपने आज कल बनाये जाने वाले आधुनिक जीवन शैली के इन भवन पर काफी कुछ ऐसा बयाँ किया की पूरी तस्वीर उतर आई जीवंत... बहुत खूब...

    उत्तर देंहटाएं
  18. ६० मंजिल इमारत-ग़ज़ब है भई ग़ज़ब.

    उत्तर देंहटाएं
  19. किसी विज्ञापन पर ऐसा चटपटा व्यंग्य और वह भी इतनी सारी विशिष्टताओं के साथ! कमाल है बन्धु|

    इमोशनल रूट
    बच्चों का शयन कक्ष में प्रवेश वर्जित
    बुजुर्गों की बाहर ही व्यवस्था

    और भी न जाने क्या क्या .............. भाई ये तो बड़े ही गज़ब की बात है| एक ऐसी कविता जो वाकई आम आदमी की ही बात कर रही है और उस से भी बड़ी बात ये कि इसे समझने के लिए न तो किसी शब्द कोश की जरूरत है न दिमागी घोड़ों को दौड़ाने की जहमत|

    ऐसा सृजन वाकई बधाई से कुछ ज्यादा का ही हकदार है|

    उत्तर देंहटाएं
  20. सचाई बयां करती बेहतरीन रचना|धन्यवाद|

    उत्तर देंहटाएं
  21. राम-राम जी,
    हम तो १८ वी मंजिल से ही परेशान है। और ये?

    उत्तर देंहटाएं
  22. अति सुंदर। बधाई।
    मेरे पोस्ट पर आपका स्वागत है।

    उत्तर देंहटाएं
  23. जितनी ऊँची बिल्डिंग उतना ही भगवान से करीबी रिश्ता. अच्छा है ये नहीं कहते वो लोग की बस ज़रा सा हाथ ऊँचा किया भगवान से हाथ मिलाया हर रोज सबेरे दिया जलाने का भी काम खत्म और चल दिए काम पे और क्या चाहिए आज इंसान को

    उत्तर देंहटाएं
  24. बनाये गए हैं
    देश के बड़े बड़े सेलिब्रिटी
    ब्रांड एम्बेसडर
    कुछ खेल की दुनिया से हैं
    तो कुछ फिल्मों से
    कुछ राजनीतिक हस्तियाँ हैं
    इसके अप्रत्यक्ष प्रचारक
    पर्यावरण अनापत्ति मिल चुकी है
    बहुत पहले ही


    sahi baat hai aaj kal bas yehe hoo raha hai, prayavaran or desh dono ko barbad kar rahe hai

    उत्तर देंहटाएं