मसखरे कहलाते हैं
सच का साथ देने का जो हौसला दिखाते हैं
कटघरे लाये जाते हैं
जो चलते हैं हाथ में मशाल लेकर
सिरफिरे कहलाते हैं
अपने आंसू रोक कर जो औरों को हंसाते हैं
मसखरे कहलाते हैं
हो गए हैं जो उम्रे दराज
ना उनके कोई सहारे रह जाते हैं
जो करते हैं इंसानियत की बात
जमाने गुजरे कहे जाते हैंअपने आंसू रोक कर जो औरों को हंसाते हैं
मसखरे कहलाते हैं
बच्चों के साथ समय गुजारने का वक्त है नहीं
वे ही आदमी बड़े कहे जाते हैं
ओढ़े जो रहते हैं हंसी का नकाब
असली चेहरे समझे जाते हैं
अपने आंसू रोक कर जो औरों को हंसाते हैं
मसखरे कहलाते हैं
भीड़ है इस दुनिया में बहुत लेकिन
बहुत कम अपने कहे जाते हैं
हर हाल में जो रहे आपके पास वे ही
लोग प्यारे कहे जाते हैं
अपने आंसू रोक कर जो औरों को हंसाते हैं
मसखरे कहलाते हैं