दुनियाँ की सबसे खूबसूरत स्त्री
जो आपकी नज़रों में है
वह मेरी नज़रों में भी हो
जरूरी नहीं।
मेरे लिए दुनियाँ की सबसे खूबसूरत स्त्री जो है
उसकी आँखों बहुत बड़ी बड़ी नहीं हैं
फिर भी वह देखती है बड़े बड़े सपने
अपने बच्चों के लिए
मेरे लिए
अपने लिए तो सपने देखने उसने कब के छोड़ दिये
दुनियाँ की सबसे खूबसूरत स्त्री के पेट पर हैं
गहरी गहरी धारियाँ जिसे अङ्ग्रेज़ी में कहते हैं बर्थ मार्क्स
बहुत गर्व करती है वह इन धारियों पर
शर्मिंदा नहीं होती
हाँ साड़ी पहनते हुये छुपा लेती है
कहते हुये कि निजी है उसका यह सौन्दर्य
दुनियाँ की सबसे खूबसूरत स्त्री की एड़ियाँ
हैं खुरदुरी
वे अक्सर भूल जाती हैं
फटी एड़ियों को माँजना
उनमें तेल लगाना
जबकि बर्तन माँजते माँजते
उनसे नाखून जाते हैं घिस
और हर बार नाखून के नहीं बढ्ने पर
जताती हैं अफसोस
कहती हैं कि कराएगी नाखून पर कलाकारी
और देकर बजट का हवाला
हर बार रोक लेती है खुद को ।
बहुत महंगे कपड़े भी नहीं पहनती
दुनियाँ की सबसे खूबसूरत स्त्री
बल्कि जो पहनती है
वही हो जाता है अप्रतिम, अनमोल।
दुनियाँ की सबसे खूबसूरत स्त्री
नहीं मिलती है किताबों में, कहानियों में
आभासी दुनियाँ में , पत्र पत्रिकाओं में
वह वहीं होती है आसपास
परछाई की तरह चलते हुये !