बुधवार, 16 फ़रवरी 2011

तुम्हारे जन्मदिन पर


(देखता हूँ कि मैं अपनी पत्नी का जन्मदिन अक्सर भूल जाता हूं  जबकि वह याद रखती है सब कुछ... उसके लिए जन्मदिन  कुछ अलग नहीं होता.. ना रोज़मर्रा के कामों से फुर्सत  ना किसी और तरह से. उल्टा हर खास मौके पर उसकी जिम्मेदारियां बढ़ ही जाती हैं.. इस बरस उसका जन्मदिन जब भी आये मेरी शुभकामना उसके लिए)

प्रिये 
तुम्हारे जन्मदिन पर
धरती लगती है
कुछ अधिक ही अपनी सी
क्योंकि 
तुम दोनों के बीच 
लगता है
कुछ अधिक ही साम्य


धरती द्वारा 
सूर्य की परिक्रमा से 
बदलती है ऋतु 
लेकिन तुम्हारे लिए 
नहीं बदलती  है कोई ऋतु 
चाहे लाख कर लो तुम 
किसी की परिक्रमा 
अपने अक्ष में 
अपनी धुरी पर
तुम्हारी परिक्रमा रहती है जारी
तुम्हारे जन्म दिन पर
चाहता हूँ 
तुम रुको एक पल
अपने अक्ष से बाहर आओ 
थोडा सुस्ताओ 
एक पल के लिए ही सही
बदलना चाहता हूँ
ऋतु  तुम्हारे भीतर और बाहर की 
देना चाहता हूँ 
तुम्हे वसंत, हेमंत और शिशिर 

आज  चाहता हूँ 
वर्षो से जो बर्फ जमी है
मन पर 
परत दर परत 
उधेडूं ताप से, ऊष्मा से
और बहो तुम 
निर्झरनी की तरह 
पवित्र, निर्मल 
और पावन कर दो 
मेरे मन की धरा
आज तुम्हारे जन्म दिन पर
देना चाहता  हूँ तुम्हे
नदियों की चंचलता  व चपलता


तुम्हारे ह्रदय गर्भ में
आज रोप देना चाहता हूँ 
नेह का एक बीज
जो पनपे वटवृक्ष की  तरह
और उसकी शाखाएं 
तुम्हारे भीतर बस जाएँ  
सदा के लिए
चिरंतन कर देना चाहता हूँ
स्वयं को तुम्हारे भीतर
तुम्हारे जन्मदिन पर 

17 टिप्‍पणियां:

  1. सदा के लिए
    चिरंतन कर देना चाहता हूँ
    स्वयं को तुम्हारे भीतर
    तुम्हारे जन्मदिन पर
    Wah! Kitni khoobsoorat kamna hai!

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  2. तुम्हारे जन्म दिन पर
    चाहता हूँ
    तुम रुको एक पल
    अपने अक्ष से बाहर आओ
    थोडा सुस्ताओ
    एक पल के लिए ही सही

    बहुत सुंदर भावाभिव्यक्ति.....

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  3. आशा है कविता तारीख तलाश लेगी.

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  4. आदरणीय अरुण चन्द्र रॉय जी
    नमस्कार !
    बहुत संवेदशील भावमय प्रस्‍तुति
    जन्मदिन पर अनगिनत शुभकामनायें ....
    जन्मदिन की यह गिफ्ट अद्भूत हैं |

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  5. बेहतरीन प्रस्तुति ... जन्मदिन पर इससे बेहतरीन तोहफा और क्या हो सकता है भला !

    उत्तर देंहटाएं
  6. धरती द्वारा
    सूर्य की परिक्रमा से
    बदलती है ऋतु
    लेकिन तुम्हारे लिए
    नहीं बदलती है कोई ऋतु
    चाहे लाख कर लो तुम
    किसी की परिक्रमा
    अपने अक्ष में
    अपनी धुरी पर
    तुम्हारी परिक्रमा रहती है जारी
    तुम्हारे जन्म दिन पर
    चाहता हूँ
    तुम रुको एक पल
    अपने अक्ष से बाहर आओ
    थोडा सुस्ताओ
    एक पल के लिए ही सही
    बदलना चाहता हूँ
    ऋतु तुम्हारे भीतर और बाहर की
    देना चाहता हूँ
    तुम्हे वसंत, हेमंत और शिशिर
    shaandaar tohfa ... iske saath hamari bhi dher saaree shubhkamnayen

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  7. ...........बदलना चाहता हूँ
    ऋतु तुम्हारे भीतर और बाहर की
    देना चाहता हूँ
    तुम्हे वसंत, हेमंत और शिशिर .....
    बहुत सुंदर भावाभिव्यक्ति.....

    उत्तर देंहटाएं
  8. तुम्हारे ह्रदय गर्भ में
    आज रोप देना चाहता हूँ
    नेह का एक बीज
    जो पनपे वटवृक्ष की तरह
    और उसकी शाखाएं
    तुम्हारे भीतर बस जाएँ
    सदा के लिए
    चिरंतन कर देना चाहता हूँ
    स्वयं को तुम्हारे भीतर
    तुम्हारे जन्मदिन पर

    aisee hi chahat sayad har pati ki hogi..par aapne usko shabd rup diya...wo bhi itni sundar bhawo ke saath.....:)

    kassh aapke kuchh shabd hamare dictionery me aa jaye..aur fir un shabdo ko vistar roop de payen...:)

    उत्तर देंहटाएं
  9. तुम्हारे ह्रदय गर्भ में
    आज रोप देना चाहता हूँ
    नेह का एक बीज
    जो पनपे वटवृक्ष की तरह
    और उसकी शाखाएं
    तुम्हारे भीतर बस जाएँ
    सदा के लिए
    चिरंतन कर देना चाहता हूँ
    स्वयं को तुम्हारे भीतर
    तुम्हारे जन्मदिन पर
    पत्नी को जन्म दिन पर इस से बेहतर तोहफा और क्या हो सकता है। उन्हें जन्मदिन की बहुत बहुत बधाई और शुभकामनायें। रचना दिल को छू गयी।

    उत्तर देंहटाएं
  10. तुम्हारे ह्रदय गर्भ में
    आज रोप देना चाहता हूँ
    नेह का एक बीज
    जो पनपे वटवृक्ष की तरह
    और उसकी शाखाएं
    तुम्हारे भीतर बस जाएँ
    सदा के लिए
    चिरंतन कर देना चाहता हूँ
    स्वयं को तुम्हारे भीतर
    आपकी इन अभिव्यक्तियों का जवाब नहीं. ..........अति सुन्दर !

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  11. तुम रुको एक पल
    अपने अक्ष से बाहर आओ
    थोडा सुस्ताओ..
    बस यही एक सोच काफी है एक पत्नी के लिए..
    बेहद खूबसूरत तोहफा ..शानदार भाव.
    आपकी अर्धांग्नी को जन्म दिन की ढेरों शुभकामनाये.

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  12. इससे सुन्दर,इससे पावन, इससे कोमल और मधुर और कुछ क्या कहा जा सकता था...कैसे कहा जा सकता था...

    अप्रतिम भावांजलि...वाह !!!

    जन्मदिवस की अनंत मंगलकामनाएं...
    आप दोनों का सुखद सुन्दर साथ और प्रेम समर्पण सदा ऐसे ही बना रहे...
    शुभकामनाएं..

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  13. आदरणीय रॉय जी "तुम्हारे जन्मदिन पर" की प्रशंसा में मेरे भाव और शब्द सब बहुत छोटे हैं - आभार

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  14. इतनी मधुमयी भेंट, किसका हृदय न द्रवित हो जाये।

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  15. इससे सुन्दर उपहार और क्या होगा एक पति की तरफ़ से अपनी पत्नि के लिये…………बेहतरीन प्रस्तुति…………शानदार अभिव्यक्ति………प्रेम की अनुपम कृति।

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  16. इस ख़ूबसूरत कविता से अच्छा तोहफा और क्या होगा,एक पत्नी के लिए...:)

    Belated Happy B'day to ur better half

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  17. सबसे पहले तो कान पकडकर माफ़ी फिर देर से सही पर जन्म दिवस की ढेरों शुभकामनयें और आशीष....
    और हाँ!!!ये सिर्फ कविता है या सच भी है थोड़े दिन बाद पता लागती हूँ कितना अपना कितना बेगाना.

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