शुक्रवार, 28 जनवरी 2022

लोकतन्त्र का पर्व चुनाव

लोकतन्त्र का पर्व चुनाव 

जन गण मन  का पर्व चुनाव 

गणतन्त्र का मर्म चुनाव 

लोकतन्त्र का पर्व चुनाव 


जाति की बंधन तोड़ो 

धर्म का भेद छोड़ो 

अपने मुद्दों को पहचानो 

मत छोड़ो मजधार में नाव  

लोकतन्त्र का पर्व चुनाव 

गणतन्त्र का मर्म चुनाव 


लोक लुभावन वादों को छोड़ो 

असली मुद्दों से नाता जोड़ो 

रोजी रोटी का न हो तनाव 

लोकतन्त्र का पर्व चुनाव 

गणतन्त्र का मर्म चुनाव 


अमीर गरीब को समान अधिकार 

सबको धंधा सबको रोजगार 

न हो किसी को कोई अभाव 

लोकतन्त्र का पर्व चुनाव 

गणतन्त्र का मर्म चुनाव 


5 टिप्‍पणियां:

  1. जी नमस्ते ,
    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (२९-०१ -२०२२ ) को
    'एक सूर्य उग आए ऐसा'(चर्चा-अंक -४३२५)
    पर भी होगी।
    आप भी सादर आमंत्रित है।
    सादर

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  2. लोकतंत्र के इस पर्व का सभी आदर करें और अपने मत का सही उपयोग करें, सुंदर सृजन !

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  3. जाति की बंधन तोड़ो

    धर्म का भेद छोड़ो

    अपने मुद्दों को पहचानो

    मत छोड़ो मजधार में नाव

    लोकतन्त्र का पर्व चुनाव

    गणतन्त्र का मर्म चुनाव

    बिल्कुल सही कहा आपने!
    बहुत ही सुंदर सृजन

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