1.
जंगल काटकर
बनाये जा रहे हैं राजमार्ग
और भेजकर रंगबिरंगे सन्देश
हम मना रहे हैं
बसंत का उत्सव !
2
हमारी बालकनी में
बसंत टंगा है
और खेतों में पीली सरसों
पड रही है पीली
परदेशी पिया की प्रतीक्षा में !
3
झड़ने शुरू हो जायेंगे
पत्ते
फेंक दिए जायेंगे
बुहार कर शहर के बाहर
कूड़े के ढेर में
मिटटी से मिलने की उनकी चाहत
अधूरी रह जायेगी
इस बार भी .
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