1.
भीतर
कुछ चल रहा हो
और आपको समझ में नहीं आये
तो समझिये आप हैं
सृजन की प्रक्रिया में.
2.
सृजन के लिये
कई बार निर्माण भी होता है
जब गढी जाती है नई मूर्ति
विध्वंस के बाद
सुंदर
सारगर्भित,सहज,सरल अभिव्यक्ति सर।सादर।------जी नमस्ते,आपकी लिखी रचना शुक्रवार ३१ जुलाई २०२६ के लिए साझा की गयी हैपांच लिंकों का आनंद पर...आप भी सादर आमंत्रित हैं।सादरधन्यवाद।
प्रक्रियारहित सृजन अधूरा है
सुंदर
जवाब देंहटाएंसारगर्भित,सहज,सरल अभिव्यक्ति सर।
जवाब देंहटाएंसादर।
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जी नमस्ते,
आपकी लिखी रचना शुक्रवार ३१ जुलाई २०२६ के लिए साझा की गयी है
पांच लिंकों का आनंद पर...
आप भी सादर आमंत्रित हैं।
सादर
धन्यवाद।
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