शनिवार, 17 जुलाई 2010

तुम्हारे लिए

आसमान में सूरज
अभी कुछ देर और है
मैं लगा लेता हूँ
एक वृक्ष
तुम्हारे लिए

अभी नमी है
हवाओं में
गा लेता हूँ
एक प्रेम गीत
तुम्हारे लिए

अभी खेत में
पानी है घुटने भर
रोप लेता हूँ
धान के कुछ पौधे
तुम्हारे लिए

अभी चाँद
निकलने वाला है
मैं जला लेता हूँ
एक दीया
अँधेरे से लड़ने के लिए
तुम्हारे लिए

जगमग
कर रहा है आसमान
सितारों से भरा
मैं तोड़ लाता हूँ कुछ
तुम्हारे लिए

अभी अभी
खिला है एक फूल
हमारे गमले में
नहीं तोडूंगा उन्हें
मैं कभी
तुम्हारे लिए .

15 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी पोस्ट आज चर्चा मंच पर भी है...

    http://charchamanch.blogspot.com/2010/07/217_17.html

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  2. अभी अभी
    खिला है एक फूल
    हमारे गमले में
    नहीं तोडूंगा उन्हें
    मैं कभी
    तुम्हारे लिए .
    बहुत अच्छी रचना । शुभकामनायें

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  3. bahut khoobsurt
    mahnat safal hui
    yu hi likhate raho tumhe padhana acha lagata hai.

    or haan deri ke liye sorry.

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  4. अभी खेत में
    पानी है घुटने भर
    रोप लेता हूँ
    धान के कुछ पौधे
    तुम्हारे लिए........
    achchi prastuti ke liye abhaar.... kuch apney baarey main bhi socho sr .....(just a fun )

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  5. अभी खेत में
    पानी है घुटने भर
    रोप लेता हूँ
    धान के कुछ पौधे
    तुम्हारे लिए

    khubsurat

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  6. आसमान में सूरज
    अभी कुछ देर और है
    मैं लगा लेता हूँ
    एक वृक्ष
    तुम्हारे लिए
    superb

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  7. अभी अभी
    खिला है एक फूल
    हमारे गमले में
    नहीं तोडूंगा उन्हें
    मैं कभी
    तुम्हारे लिए

    बस उसे निहारूंगा तुम्हारे लिए....बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति

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  8. अभी अभी
    खिला है एक फूल
    हमारे गमले में
    नहीं तोडूंगा उन्हें
    मैं कभी
    तुम्हारे लिए

    बेहतरीन शब्‍द रचना ।

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  9. अभी अभी
    खिला है एक फूल
    हमारे गमले में
    नहीं तोडूंगा उन्हें
    मैं कभी
    तुम्हारे लिए .
    ...........
    बहुत खूबसूरत !

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  10. अभी अभी
    खिला है एक फूल
    हमारे गमले में
    नहीं तोडूंगा उन्हें
    मैं कभी
    तुम्हारे लिए .
    लो भाई जो तोड़ना था वही नहीं तोड़ोगे. अरे जब गीत गा सकते हो, धान के पौधे रोप सकते हो, दिया जला सकते हो, तारे तोड़ सकते हो, तो एक फूल भी तोड़ कर गजरे में सजाया होता या ये सब कुछ भी न करके सिर्फ फूल सजाया होता तो जल्दी बात बन जाती हा हा ..... बेहतरीन अभिव्यक्ति

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  11. jai ho bhai ... yaar aap to mujhe apna phone number do , ab to milna hi honga , bas ,, kya likha hai yaar .. dil me kya kya ho gaya ..kya kahun ..

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